*जांजगीर-चांपा, 21 जून 2026*
छत्तीसगढ़ में देश विरोधी नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका खुलासा जांजगीर-चांपा पुलिस ने किया है। पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े स्लीपर सेल के एक सक्रिय सदस्य को अकलतरा से धरदबोचा है। गिरफ्तार युवक पंजाब से आकर यहां किराये पर रह रहा था और ड्रोन से हथियार मिलने के बाद टारगेट किलिंग को अंजाम देने वाला था।
*ऐसे पकड़ा गया संदिग्ध*
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय IPS के निर्देश पर जिले में किरायेदार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान अकलतरा के मिनीमाता चौक स्थित राजीव केडिया के मकान में रह रहे बाहरी लोगों की जांच की गई।
टीम को वहां 23 वर्षीय सेवक सिंह, पिता बलविंदर सिंह, निवासी पट्टी, जिला तरनतारन, पंजाब संदिग्ध लगा। वह पाकिस्तान सीमा से सटे इलाके का रहने वाला है। सख्ती से पूछताछ करने पर उसके जवाब गोलमोल मिले। शक होने पर जब उसका मोबाइल खंगाला गया तो पुलिस के होश उड़ गए।
*मोबाइल में मिला देशद्रोह का पूरा कच्चा-चिट्ठा*
सेवक सिंह के मोबाइल से पाकिस्तान, सऊदी अरब और मैक्सिको के दर्जनों नंबर मिले। व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल रिकॉर्डिंग, कॉल रिकॉर्डिंग से साफ हुआ कि वह ISI हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के जरिए छत्तीसगढ़ के VVIP, संवेदनशील ठिकानों, आर्मी मूवमेंट, गाड़ियों के नंबर और लोकेशन की फोटो-वीडियो पाकिस्तान भेज रहा था। मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
*ड्रोन से हथियार, फिर होनी थी हत्या*
पूछताछ में सबसे सनसनीखेज बात सामने आई। ISI ने सेवक सिंह को ड्रोन के जरिए हथियार सप्लाई करने का प्लान बनाया था। हथियार मिलते ही उसे पाकिस्तान से मिले टारगेट की हत्या करनी थी। पुलिस मान रही है कि वह “स्लीपर सेल” के तौर पर काम कर रहा था और सही वक्त का इंतजार कर रहा था।
*BNS की गंभीर धाराओं में केस दर्ज*
आरोपी के खिलाफ थाना अकलतरा में अपराध क्रमांक 350/26, धारा 152 और 61(2) BNS के तहत केस दर्ज हुआ है। ये दोनों धाराएं देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने से जुड़ी हैं।
SP विजय पाण्डेय ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया है। अब पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा रही हैं। जांच एजेंसियां उसके स्थानीय संपर्कों और फंडिंग चैनल का पता लगा रही हैं।
1. *छत्तीसगढ़ में पहली बार*: ISI के स्लीपर सेल की सक्रियता का बड़ा सबूत
2. *टारगेट किलिंग प्लान*: ड्रोन से हथियार मंगाकर हत्या की साजिश
3. *डिजिटल सबूत*: विदेशी नंबरों से चैट और कॉल रिकॉर्डिंग मिलीं
4. *बॉर्डर से कनेक्शन*: आरोपी खुद पाकिस्तान बॉर्डर से सटे तरनतारन का है
—