जांजगीर-चांपा, 23 अगस्त (FEARLESSNEWSUPDATE)।
शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कलेक्टर जन्मेजय महोबे शनिवार को अचानक फील्ड में उतर गए। उन्होंने सबसे पहले खोखरा स्थित एसएलआरएम सेंटर का औचक निरीक्षण किया, जहां कचरे की डंपिंग होते देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद नगर पालिका अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि एसएलआरएम सेंटर कचरा प्रोसेसिंग सेंटर है, इसे डंपिंग यार्ड न बनाया जाए। उन्होंने तत्काल प्रभाव से यहां डंपिंग पर पूर्णतः रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व से जमा कचरे को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने को कहा।
*दुकानों से अब सिर्फ अलग किया हुआ कचरा ही लिया जाएगा*
कलेक्टर ने कहा कि शहर में स्रोत पर कचरा पृथक्करण की व्यवस्था पूरी तरह फेल है। दुकानदार और व्यापारी बिना अलग किए ही कचरा दे देते हैं। अब से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सिर्फ पृथक किया हुआ कचरा ही संग्रहित किया जाएगा। जो दुकानदार नियम नहीं मानेंगे, पहले उन्हें समझाइश दी जाएगी और नहीं मानने पर जुर्माना वसूला जाएगा।
*सड़क पर कचरा फेंका तो कटेगा चालान*
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क, नाली और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने वालों पर अब सीधे जुर्माने की कार्रवाई की जाए। नागरिकों को लगातार जागरूक भी किया जाए।
*स्वच्छता दीदियों से किया संवाद, सुरक्षा किट देने के निर्देश*
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्रों में कार्यरत स्वच्छता दीदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। कई दीदियां बिना ग्लव्स और मास्क के काम करती मिलीं। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी दीदियों को ग्लव्स, मास्क, सेफ्टी जूते सहित सभी सुरक्षा उपकरण नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाएं और उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया जाए।
इसके बाद कलेक्टर ने वार्ड क्रमांक 01, 04 और वार्ड 18 स्थित एसएलआरएम केंद्रों का भी निरीक्षण किया। वार्ड 18 में उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था देखी और लोगों से अपील की कि वे अपने घर का कचरा 4 अलग-अलग श्रेणियों में अलग करके ही नगर पालिका की गाड़ी को दें।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रेखा देवा गढ़ेवाल, उपाध्यक्ष मोहन यादव, पार्षद दिनेश राठौर, एसडीएम सुब्रत प्रधान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।