जांजगीर-चांपा, 12 जून 2026।ग्रीष्म ऋतु में तापमान बढ़ने के साथ आगजनी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय, महानिदेशालय अग्निशमन सेवा, नई दिल्ली तथा छत्तीसगढ़ के नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं एवं एसडीआरएफ मुख्यालय द्वारा नागरिकों, आवासीय भवनों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अग्नि सुरक्षा संबंधी एडवायजरी जारी की गई है।
जिला अग्निशमन अधिकारी जांजगीर-चांपा सुश्री योग्यता साहू ने बताया कि गर्मी में एसी, कूलर और फ्रिज जैसे विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग से शॉर्ट सर्किट और ओवरलोडिंग के कारण आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जरूरी सावधानियां अपनाना जरूरी है।
*रिहायशी इमारतों के लिए क्या करें, क्या न करें*
– *करें*: बिजली वायरिंग की समय-समय पर जांच कराएं। सिर्फ ISI मार्क वाले उपकरण उपयोग करें। LPG सिलेंडर सीधा रखें और लीकेज की जांच साबुन के घोल से करें। उपयोग न होने पर उपकरण बंद रखें। बालकनी और सीढ़ियां खाली रखें। आपात स्थिति के लिए पानी और रेत की बाल्टी रखें। परिवार को इमरजेंसी नंबर 112 की जानकारी दें।
– *न करें*: एक सॉकेट पर कई उपकरण न चलाएं। ढीली तारें न रखें। ज्वलनशील पदार्थ घर में न रखें। रातभर मोबाइल-लैपटॉप चार्ज न करें। कचरा घर में न जलाएं।
*व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए निर्देश*
दुकान, ऑफिस, मॉल आदि में फायर एक्सटिंग्विशर, स्प्रिंकलर और अलार्म सिस्टम लगाएं। समय-समय पर फायर ऑडिट कराएं। कर्मचारियों को आग बुझाने की ट्रेनिंग दें। इमरजेंसी एग्जिट साफ और चिह्नित रखें। साल में दो बार मॉक ड्रिल कराएं। बिजली पैनल और सर्वर रूम में उचित वेंटिलेशन रखें।
*ग्रीष्मकालीन विशेष सलाह*
कूलिंग सिस्टम से बिजली का लोड बढ़ता है, इसलिए वायरिंग और लोड डिस्ट्रीब्यूशन सही रखें। ट्रांसफार्मर की नियमित सर्विस कराएं। अस्थाई कनेक्शन से बचें। इन्वर्टर-बैटरी की ओवरहीटिंग जांचते रहें।
अधिकारियों ने कहा कि नागरिक और प्रतिष्ठान संचालक यदि इन सावधानियों का पालन करें तो आगजनी की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत डायल-112 पर सूचना दें।