जांजगीर-चांपा, 11 जून 2026 – जांजगीर-चांपा पुलिस ने ग्राम उदयबंद में आयोजित एक चंगाई सभा के दौरान हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में पास्टर सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश पर सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की।
हिंदू जागरण मंच के जिला प्रशासन संपर्क प्रमुख सतीश सोनी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 11 जून की सुबह करीब 9 बजे उन्हें सूचना मिली कि ग्राम उदयबंद के गुड़ीपारा में बद्रीनाथ बरेठ अपने घर में बाहर से ईसाई समाज के पास्टर और अन्य लोगों को बुलाकर चंगाई सभा करवा रहा है। आरोप है कि इसमें आसपास के लोगों को बीमारी के इलाज के बहाने बुलाकर चमत्कारी पानी पिलाया जा रहा था, बाइबल और धार्मिक पुस्तकें बांटी जा रही थीं, और हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही थी।
शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 439/26 के तहत BNS की धारा 299, 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना तत्काल पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप और सीएसपी कोतवाली योगिता बाली खापर्डे को दी गई। अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने ग्राम उदयबंद में दबिश दी।
पुलिस के अनुसार, मौके पर पास्टर रथराम महिलांगे ईसाई धर्म से संबंधित बाइबल और धार्मिक पुस्तकें वितरित कर रहे थे और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहे थे। पुलिस ने मकान मालिक बद्रीनाथ बरेठ और पास्टर रथराम महिलांगे को मौके से पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने आसपास के लोगों को बुलाकर बीमारी के इलाज के बहाने ईसाई धर्म का प्रचार करने और हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने की बात स्वीकार की। मौके से ईसाई धर्म से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपी बद्रीनाथ बरेठ, पिता हरिराम बरेठ, उम्र 40 वर्ष, निवासी गुड़ीपारा, ग्राम उदयबंद, जांजगीर और रथराम महिलांगे, पिता शोभाराम महिलांगे, उम्र 38 वर्ष, निवासी मूलमुला को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली, उप निरीक्षक उमेन्द्र मिश्रा, उप निरीक्षक कमल दास बनर्जी, सहायक उप निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, प्रधान आरक्षक आलोक शर्मा, प्रधान आरक्षक भीम कुमार श्रीवास, शंकर राजपूत, विनोद राठौर और महिला आरक्षक रेखा यादव की भूमिका रही।