“ऑपरेशन हंट” से हिला अपराधियों का नेटवर्क: करही गोलीकांड का पर्दाफाश, 3 शूटर गिरफ्तार, 7 राज्यों तक फैला था जाल…

जांजगीर-चांपा: पुलिस ने आखिरकार वो कर दिखाया जिसका एक महीने से पूरे इलाके को इंतजार था। थाना बिर्रा के ग्राम करही में 23-24 अप्रैल 2026 की काली रात हुए चर्चित आयुष कश्यप हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हो गया है। पुलिस के स्पेशल “ऑपरेशन हंट” ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कामयाबी के साथ ही पुलिस ने साफ कर दिया कि जांजगीर-चांपा में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं।

मामला तब सुर्खियों में आया जब 23-24 अप्रैल की दरम्यानी रात 3 नकाबपोश बदमाशों ने करही निवासी आयुष कश्यप के घर में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। आयुष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली लगी और वो गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात से पहले बदमाशों ने घर के CCTV तोड़े और आयुष के पिता को दूसरे कमरे में बंद कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन प्रभारी SP श्रीमती निवेदिता पाल, ASP उमेश कुमार कश्यप, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए IG बिलासपुर रेंज श्री रामगोपाल गर्ग स्वयं करही पहुंचे और रेंज स्तरीय टीम गठित कर ग्राम में विशेष पुलिस कैम्प लगवाया।

हत्या की वजह जानकर आप भी चौंक जाएंगे। पुलिस जांच और आरोपियों के कबूलनामे में सामने आया कि पूरी साजिश के पीछे उधारी के पैसों का पुराना विवाद, मृतक आयुष कश्यप की दिन-रात बढ़ती आर्थिक तरक्की और बिजनेस में बढ़ते प्रभाव से उपजी जलन थी। आरोपी भूषण बघेल ने बताया कि उसके भाई ने मृतक के परिवार से उधार लिया था, जिसे लेकर लगातार झगड़ा चल रहा था। साथ ही आरोपियों को लगता था कि आयुष की वजह से उनका बिजनेस खत्म हो रहा है। इसी द्वेष और प्रतिशोध की आग में तीनों ने मिलकर हत्या का प्लान बनाया।

लेकिन पुलिस ने भी हार नहीं मानी। SP श्री विजय कुमार पाण्डेय ने प्रशिक्षण से लौटते ही सीधे पीड़ित परिवार से मुलाकात की और “ऑपरेशन हंट” लॉन्च कर दिया। इसके बाद जो हुआ वो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। जांजगीर पुलिस की टीमों ने 7 राज्यों – गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर तक दबिश दी। 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले गए, साइबर और आसूचना टीम दिन-रात तकनीकी साक्ष्य जुटाती रही। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी भूषण बघेल के पास पहले भी अवैध हथियार देखा गया था।

आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आए तीनों आरोपी: 1. हेमंत कुमार बघेल, 23 साल, वार्ड नं. 11 करही 2. भूषण बघेल, 23 साल, वार्ड नं. 01 करही 3. अमित टंडन, 28 साल, वार्ड नं. 09 करही। इनके कब्जे से पुलिस ने 1 पिस्टल मय मैगजीन, 1 अतिरिक्त खाली मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

IG रामगोपाल गर्ग ने इस बड़ी कामयाबी पर पूरी टीम को शाबाशी देते हुए उचित इनाम की घोषणा की है। इस खुलासे में SP विजय कुमार पाण्डेय, प्रभारी SP निवेदिता पॉल, ASP उमेश कुमार कश्यप, ASP उदयन बेहार के नेतृत्व में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, साइबर थाना जांजगीर, थाना बिर्रा, बम्हनीडीह, मुलमुला, रेंज साइबर सेल और जिला पुलिस बल की भूमिका सराहनीय रही।

फिलहाल मुख्य साजिशकर्ता और वारदात में शामिल अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया जाएगा। एक महीने से दहशत में जी रहे करही गांव के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राहत की सांस ली है। Fearless News की अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, पुलिस जांच पर भरोसा रखें।

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