शिवरीनारायण, जांजगीर-चांपा, 27 अप्रैल 2026:
माता शबरी की जन्मभूमि शिवरीनारायण के तेंदुवा धाम में 9 दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य आगाज हो गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धर्मपत्नी कौशल्या साय के साथ राम मिलेंगे आश्रम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज समेत संतों का आशीर्वाद लिया। पहले दिन ही हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरा धाम राममय हो गया।
*CM का बड़ा बयान: “धान का कटोरा ही नहीं, सेवा-समर्पण की भूमि है छत्तीसगढ़”*
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भगवान श्रीराम के वनवास और माता शबरी की भक्ति से पावन है। “यहां आस्था और विश्वास की परंपरा सदियों से जीवित है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के समय छत्तीसगढ़ से 11 ट्रक चावल और डॉक्टरों की टीम भेजना हमारी गहरी श्रद्धा का प्रमाण है।” उन्होंने कहा कि 500 साल के इंतजार के बाद रामलला विराजे हैं, जो देश की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। श्रीरामलला दर्शन योजना से हजारों लोग अयोध्या जा रहे हैं।
*तेंदुवाधाम बना धार्मिक जागरण का केंद्र*
सीएम ने कहा कि तेंदुवाधाम आज धार्मिक-सांस्कृतिक जागरण का बड़ा केंद्र बन रहा है। एक मंच पर अनेक संतों का सान्निध्य सौभाग्य है। इस दौरान हरिवंश औषधालय एवं पंचकर्म केंद्र, श्री राम-जानकी मंडपम, हरिवंश वैदिक पाठशाला, मां दुर्गा गौ मंदिर और हनुमत प्रवेश द्वार का लोकार्पण भी हुआ।
*”नक्सलवाद खत्म, अब शांति-विकास प्राथमिकता”*
मुख्यमंत्री ने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में जवानों के साहस से प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त हुआ है। अब शांति, विकास और सामाजिक समरसता पहली प्राथमिकता है। “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” हमारी संस्कृति की पहचान है।
*कलिंग शैली में बन रहा भव्य राम मंदिर*
राघव सेवा समिति के अनुसार, यहां कलिंग शैली में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माणाधीन है। आश्रम में औषधालय, वैदिक विद्यालय, गौ मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, गीता वाटिका, शबरी रसोई और निर्धन कन्या विवाह जैसी पहल चल रही हैं। कथा के दौरान दिव्यांगजन, रक्तदाता, कुष्ठ रोगी और मेधावी विद्यार्थियों के लिए विशेष दिवस मनाए जाएंगे।
कार्यक्रम में परमपूज्य वासुदेवनंद सरस्वती महाराज, किन्नर अखाड़ा प्रमुख मां टीना, सांसद कमलेश जांगड़े, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, महंत रामसुंदर दास समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु शामिल हुए।