28 साल की सेवा पूर्ण कर गृह निवास पहुँचे सुबेदार नागेश्वर सिंह..

जांजगीर-चाम्पा। सशस्त्र सेनाओं में तैनात जवानों के प्रति सम्मान, आदर और क्रेज समाज के हर व्यक्ति के मन में है। जैसे ही सैनिकों की कोई खबर गांव-शहर में पहुंचती है तो हर कोई उनका उत्साह वर्धन करने पहुंच जाता है। जिला मुख्यालय जांजगीर स्थित वार्ड नं 19 के विद्या नगर वसुंधरा कालोनी निवासी सेना के जवान सुबेदार नागेश्वर सिंह ठाकुर 28 साल की सेवाकाल पूर्ण कर सेना से रिटायर होकर 1 मई को अपने घर लौटे तो उनके स्वागत में पूरा कालोनी उमड़ पड़ा। उनके सम्मान में पूरे कालोनीवासियों ने धूमधाम से रैली भी निकाली। रायपुर तिल्दा नेवरा के ग्राम बरतोरी निवासी युवराज सिंह ठाकुर, माता श्रीमती मंदिाकिनी सिंह के पुत्र नागेश्वर सिंह ठाकुर 7 भाई बहनों में सबसे छोटे है जहां सेना में उनकी पहली ज्वाईनिंग 30 अप्रैल 1997 को बिग्रेड आफ द गार्ड्स रेजीमेंट सेंटर नागपुर कामठी में हुआ। जहां वर्ष 1998 तक उन्होंने बेसिक ट्रेनिंग प्राप्त कर आठवीं बटालियन हिसार हरियाणा में रहे जिसके बाद राष्ट्रीय रायफल में 1999 से 2021 तक अपनी सेवाएं दी। इस दौरान वे भारत के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पटियाला, सुजानपुर पंजाब, राजस्थान, मानसेर जम्मू, बीकानेर, सिक्किम जैसे जगहों में अपनी सेवाएं देते हुए भारत माता की सेवा की। 2009 में उनका विवाह मंजूला सिंह के साथ हुआ। उनके एक पुत्र राजबीर सिंह व पुत्री जानवी सिंह है। अब सूबेदार नागेश्वर सिंह ठाकुर देश की रक्षा करके सेवानिवृत्ति पर जांजगीर स्थित अपने घर लौट आए है जहां कालोनीवासियों ने उनका भव्य स्वागत सम्मान किया। देश भक्ति गीत के साथ उनकी धर्मपत्नि मंजूला सिंह, वार्ड पार्षद देवराज सिंह चंदेल, सूरज ठाकुर, मुकेश मानिकपुरी, महेश राठौर, सारिका सिंह चंदेल, सुरेश चन्द्रा, चांदनी सिंह, हरीश कुमार राठौर, रेखा सिंह, निशु सिंह, रोशनी साहू, जानवी सिंह सहित परिवारजन, रिश्तेदार, मित्र, जनप्रतिनिधि, रिटायरमेंट फौजी आसपास के गांव के लोग बड़ी संख्या में पहुंचकर उनका फूलमाला से स्वागत किये।

ताज हमला के दौरान दी थी अपनी सेवा

सुबेदार नागेश्वर सिंह ठाकुर एनएसजी कमांडो के रूप में भारत माता की सेवा की है, हाटल ताज हमला में आतंकियों के साथ उन्होंने लड़ाई लड़ी है। एनएसजी को ब्लैक कैट कमांडो भी कहा जाता है, यह भारत का एक विशेष सैन्य बल है, जो आतंकवाद और अन्य गंभीर खतरों से निपटने के लिए प्रशिक्षित हैं। ये कमांडो भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन काम करते हैं और उन्हें देश के सबसे खतरनाक खतरों से निपटने के लिए तैयार किया जाता है। इसके अलावा भी सूबेदार नागेश्वर सिंह सेवा के दौरान अदम्य साहस व शौर्य का प्रदर्शन किये है।

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