पालकी पर सवार होकर आएंगी माता..

जांजगीर चाम्पा 

खोखरा – शारदीय नवरात्र तीन अक्टूबर से प्रारंभ हो रहा है। आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से मनाए जाने वाला इस उत्सव के लिए जोर-शोर से तैयारी चल रही है। *पंडित दुर्गेश महराज जी* ने बताया कि नवरात्रि के नौ दिनों तक माता की उपासना करने वाले भक्तों पर मातारानी इस बार विशेष कृपा बरसाएंगी। नवरात्र तीन अक्टूबर से प्रारंभ होकर 11 अक्टूबर दुर्गा अष्टमी व्रत तथा 12 अक्टूबर को दुर्गा नवमी मनाया जाएगा इस साल 2024 में शारदीय नवरात्रि माता रानी का वाहन पालकी बताया जा रहा है। वैसे तो माता रानी का मुख्य वाहन सिंह है लेकिन वार के अनुसार वाहन हर साल बदलता है जो कोई ना कोई संकेत लेकर आता है।इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार के दिन से होगी. ऐसे में माता रानी का वाहन पालकी रहेगा। नवरात्र में माता की सवारी का बहुत महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि माता जिस भी सवारी से आती हैं, उसका प्रभाव लोगों पर पड़ता है। ऐसा कहा जा रहा है कि माता की सवारी इस साल पालकी है, जो आम लोगों के अच्छी नहीं मानी जाती इससे राष्ट्र के लोगों को किसी विपत्ति का सामना करना पड़ सकता है और कोई बीमारी जनमानस को परेशान कर सकती हैं। माता का पालकी पर आना और घोड़े पर आना भी शुभ संकेत नहीं माना जाता है। मा दुर्गा की हाथी पर सवारी और नाव पर सवारी बहुत शुभ मानी जाती है। 3 अक्‍टूबर को घट स्‍थापना होने के साथ प्रथम भगवती स्‍वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।

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