रायपुर, 20 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ शासन की असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ऋचा शर्मा सोमवार सुबह वीआईपी रोड स्थित करेंसी टावर की लिफ्ट में करीब 20 मिनट तक फंसी रहीं। घटना के दौरान लिफ्ट में वेंटिलेशन और इमरजेंसी लाइट की व्यवस्था न होने से उनकी तबीयत बिगड़ गई।
*सुबह 6:30 बजे की घटना*
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रीमती शर्मा सोमवार सुबह लगभग 6:30 बजे श्रीराम मंदिर चौक के पास स्थित करेंसी टावर की सातवीं मंजिल पर संचालित साईकस जिम जाने के लिए लिफ्ट से ऊपर जा रही थीं। इसी दौरान लिफ्ट अचानक बीच में रुक गई।
*मोबाइल से मांगी मदद, प्रशासन में मचा हड़कंप*
लिफ्ट में न पर्याप्त रोशनी थी और न ही वेंटिलेशन की कोई व्यवस्था। ऑक्सीजन की कमी और घुटन के कारण उनकी घबराहट बढ़ गई। इमरजेंसी अलार्म और हेल्पलाइन नंबर न होने की वजह से उन्होंने अपने मोबाइल फोन के जरिए प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने राज्य के ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव को भी फोन कर करेंसी टावर में बिजली और पावर बैकअप की स्थिति की जानकारी ली।
*20 मिनट बाद सुरक्षित निकाला गया*
करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया और उन्हें बाहर निकाला गया। बाहर आने के बाद भी उनकी स्थिति सामान्य होने में कुछ समय लगा।
*पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें, प्रबंधन बेपरवाह*
स्थानीय लोगों और जिम जाने वालों के अनुसार, करेंसी टावर में लिफ्ट फंसने की यह पहली घटना नहीं है। सातवीं मंजिल पर संचालित साईकस जिम में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं, जिनमें कई प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं। इसके बावजूद लिफ्ट की खराब स्थिति को लेकर प्रबंधन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
*सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी*
नियमों के अनुसार, ऐसे बड़े कॉम्प्लेक्स में पावर बैकअप, इमरजेंसी लाइट, अलार्म सिस्टम और हेल्पलाइन नंबर अनिवार्य होते हैं। लेकिन करेंसी टावर में इन मूलभूत सुविधाओं का अभाव साफ नजर आया।
दुकानदारों और जिम संचालकों ने पहले भी कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। अब सवाल उठ रहा है कि SDRF, नगर निगम और फायर सेफ्टी विभाग इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करेंगे।