कलम के साथ गौ सेवा भी: सरकारी स्कूल के बाबू दुर्गेश चतुर्वेदी ने निभाया इंसानियत का फर्ज…

जांजगीर चाम्पा*, 21 अप्रैल 2026।* इंसानियत और गौ सेवा की मिसाल पेश करते हुए भड़ेसर शासकीय विद्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 पंडित दुर्गेश कुमार चतुर्वेदी ने आज एक गौमाता और उसके नवजात बछड़े की जान बचाई। अपने विद्यालय पहुंचते ही उन्होंने देखा कि एक गाय प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी और बछड़े को जन्म नहीं दे पा रही थी।

पंडित दुर्गेश कुमार चतुर्वेदी ने तत्काल स्थिति को समझा और अपने स्टाफ कर्मचारियों को साथ लेकर पूरी सावधानी व मेहनत के साथ गौमाता का परीक्षण कर बछड़े को सुरक्षित बाहर निकाला। उनके इस प्रयास से जच्चा-बच्चा दोनों की जान बच गई।

इस नेक कार्य के बाद दुर्गेश चतुर्वेदी ने कहा, “आज सुबह मैं जैसे ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचा तो देखा कि एक गौमाता दर्द से कराह रही थी। वह अपने बछड़े को जन्म नहीं दे पा रही थी। फिर स्कूल के आसपास लोगों एव स्टाफ कर्मचारियों को बुलाकर हमने पूरी मेहनत और सावधानी से उसका परीक्षण कर उसके बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। यह सेवा नहीं, हमारा धर्म है। जय श्री राम, जय गौ माता।”

एक स्कूल विभाग का शासकीय कर्मचारी होते हुए भी गौ सेवा के लिए तत्परता दिखाने पर स्थानीय ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ ने दुर्गेश चतुर्वेदी की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि सरकारी कर्मचारी अगर अपने कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक दायित्व भी निभाएं तो समाज में बड़ा बदलाव आ सकता है।

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