खाद की कालाबाजारी पर तगड़ा प्रहार: ‘किसान’ बनकर पहुंचे कृषि उप संचालक, 1446 बोरी यूरिया-डीएपी-एमओपी जब्त..

*जांजगीर-चांपा, 02 जून 2026* – खरीफ सीजन से ठीक पहले जिले में खाद की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देश पर उप संचालक कृषि राकेश शर्मा खुद किसान बनकर नानकचंद नंदकिशोर कृषि केंद्र पहुंचे और वहां चल रही अनियमितता का पर्दाफाश किया।

*कैसे हुआ खुलासा*

कृषि विभाग को पिछले कुछ दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि जिले के कई उर्वरक विक्रेता किसानों को निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर खाद बेच रहे हैं और स्टॉक छिपाकर कृत्रिम कमी पैदा कर रहे हैं। शिकायतों की जांच के लिए कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को विशेष निर्देश दिए।

योजना के तहत श्री राकेश शर्मा सामान्य किसान के वेश में नानकचंद नंदकिशोर कृषि केंद्र पहुंचे। केंद्र के मालिक ने उन्हें पहचान नहीं पाया और किसान समझकर 266.50 रुपये एमआरपी वाली यूरिया की एक बोरी 850 रुपये में बेच दी। यही नहीं, डीएपी, एसएसपी और एमओपी भी तय दर से ऊंचे दाम पर बेचे जा रहे थे।

*1446 बोरी खाद जब्त, गोदाम सील*

शिकायत सही पाए जाने के बाद उप संचालक कृषि ने तत्काल उर्वरक निरीक्षकों की टीम को बुलाया। जांच में पाया गया कि केंद्र में उर्वरकों के भंडारण और वितरण में भारी अनियमितता बरती जा रही है। उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कार्रवाई करते हुए विभाग ने –

 

– 1141 बोरी यूरिया (एचयूआरएल/एनएफएल)

– 252 बोरी एसएसपी

– 33 बोरी डीएपी

– 20 बोरी एमओपी

कुल 1446 बोरी रासायनिक खाद को मौके पर ही जब्त कर लिया और प्रतिष्ठान के गोदाम को सील कर दिया।

*‘अब और सख्ती होगी’*

उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने कहा कि आगामी खरीफ सीजन में किसानों को खाद की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग लगातार बड़ी कार्रवाई कर रहा है। यदि किसी भी उर्वरक विक्रेता द्वारा अनियमितता, अधिक मूल्य वसूली या स्टॉक छिपाने की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

*किसानों से अपील*

कृषि विभाग ने सभी किसान भाइयों से अनुरोध किया है कि वे खाद-बीज की खरीदी केवल अधिकृत सहकारी समितियों और वैध लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही करें और पक्का बिल अवश्य लें। यदि कोई विक्रेता अधिक मूल्य वसूल रहा हो या खाद की कमी बताकर परेशान कर रहा हो तो इसकी तुरंत सूचना कृषि विभाग को दें।

जिला प्रशासन का कहना है कि खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि किसानों को सही समय पर सही दाम पर खाद मिल सके।

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