*सक्ति , 17 जून 2026*
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाराद्वार क्षेत्र के कडारी गांव के आस-पास सुनसान इलाके इन दिनों जुए के अड्डे बन गए हैं। गांव से सटे खाली खेतों में रोजाना लाखों रुपये का दांव लगाया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह अवैध खेल तय समय पर चलता है – दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक। इसके बावजूद खुलेआम चल रहे इस खेल ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक कडारी गांव की सीमा पर स्थित खाली पड़े खेत जुआरियों का पसंदीदा ठिकाना बन गए हैं। दोपहर 1 बजे के बाद ही बाइक और चार पहिया वाहनों से लोग यहां पहुंचने लगते हैं। ताश, नगदी का लेन-देन खुले आम होता है। गांव के ही कुछ लोगों के संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है, जिसके कारण बाहरी लोग भी बेखौफ होकर जुआ खेलने पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जुए के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है। कई परिवारों में कलह शुरू हो गई है क्योंकि कमाने वाले लोग अपनी मेहनत की कमाई जुए में हार रहे हैं। तय समय में चलने वाले इस खेल में तेज आवाज, गाली-गलौज और विवाद आम बात हो गई है। महिलाओं और बच्चों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कई बार ग्रामीणों ने मिलकर जुआरियों को भगाने की कोशिश भी की, लेकिन धमकी मिलने के बाद वे चुप हो गए।
लाखों रुपये का यह अवैध कारोबार दिनदहाड़े चल रहा है, लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जुआरियों को पहले से सूचना मिल जाती है, जिसके कारण पुलिस पहुंचने से पहले ही वे सामान समेट कर भाग जाते हैं। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ रही है।
अगर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो यह समस्या और विकराल रूप लेगी और गांव की युवा पीढ़ी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।